ना स्वर है ना सरगम है भजन लिरिक्स भगवान हनुमान जी के प्रति सच्ची भक्ति और समर्पण को दर्शाने वाला अत्यंत भावपूर्ण भजन है। Bhakti Songs Lyrics पर यह भजन विशेष रूप से उन भक्तों के लिए महत्वपूर्ण है जो बिना किसी दिखावे के केवल प्रेम और श्रद्धा से भगवान की पूजा करना चाहते हैं।
ना स्वर है ना सरगम है भजन लिरिक्स
ना स्वर है, ना सरगम है,
ना लय ना तराना है |
हनुमान के चरणों में
एक फूल चढ़ाना है ||
बजरंग के चरणों में
एक फूल चढ़ाना है ||
तुम बाल समय में प्रभु,
सूरज को निगल डाले,
अभिमानी सुरपति के,
सब गर्व मसल डाले,
बजरंग हुये जब से,
संसार ने माना है || (१)
सब दुर्ग ढहा करके,
लंका को जलाये तुम,
सीता की खबर लाये,
लक्ष्मण को बचाये तुम,
प्रिय भरत सरिस तुमको,
सियाराम ने माना है || (२)
जब राम नाम तुमको,
पाया ना नगीने में,
तुम चीर दिये सीना,
सियाराम थे सीने में,
विस्मय जग ने देखा,
कपि राम दिवाना है || (३)
हे अजर – अमर स्वामी,
तुम हो अंतर्यामी,
मैं दीन – हीन “चंचल”,
अभिमानी – अज्ञानी,
जब तुमने नजर फेरी,
मेरा कौन सहारा है || (४)
Singer: Mahaveer Sankhla
Na Swar Hai Na Sargam Hai Lyrics
Na swar hai, na sargam hai,
Na lay na taraana hai,
Hanuman ke charanon mein,
Ek phool chadhana hai.
Bajrang ke charanon mein,
Ek phool chadhana hai.
Tum baal samay mein prabhu,
Suraj ko nigal daale,
Abhimani surpati ke,
Sab garv masal daale.
Sab durg dhaha karke,
Lanka ko jalaaye tum,
Sita ki khabar laaye,
Lakshman ko bachaaye tum.
ना स्वर है ना सरगम है भजन लिरिक्स का अर्थ और महत्व
ना स्वर है ना सरगम है भजन का अर्थ और महत्व समझना आवश्यक है क्योंकि यह भजन भक्ति की सच्चाई और सरलता को दर्शाता है। इसमें बताया गया है कि भगवान को खुश करने के लिए किसी विशेष कला या दिखावे की आवश्यकता नहीं होती, केवल सच्चा प्रेम ही पर्याप्त है।
यह भजन सिखाता है कि हनुमान जी के चरणों में सच्चे मन से अर्पित की गई छोटी सी भक्ति भी अत्यंत मूल्यवान होती है। यही भक्ति जीवन को सफल बनाती है।
हनुमान भक्ति का महत्व
हनुमान भक्ति का महत्व इस भजन में गहराई से प्रकट होता है, जहाँ हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और सेवा के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। Bhakti Songs Lyrics में ऐसे भजन भक्तों को आस्था और विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
हनुमान जी की भक्ति से व्यक्ति के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह भजन हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति से सभी संकट दूर हो सकते हैं।
ना स्वर है ना सरगम है भजन लिरिक्स FAQs
1. ना स्वर है ना सरगम है भजन लिरिक्स किस भगवान से संबंधित है?
यह भजन भगवान हनुमान जी से संबंधित है।
2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
सच्ची भक्ति में दिखावे की नहीं, केवल प्रेम और श्रद्धा की आवश्यकता होती है।
3. यह भजन हमें क्या सिखाता है?
यह भजन सिखाता है कि छोटी सी सच्ची भक्ति भी भगवान को प्रिय होती है।
4. यह भजन कब गाया जाता है?
यह भजन मंगलवार, शनिवार और भजन संध्या में गाया जाता है।
5. इस भजन का महत्व क्या है?
यह भजन भक्ति की सरलता और सच्चाई को दर्शाता है।
ना स्वर है ना सरगम है भजन Bhakti Songs Lyrics में एक विशेष स्थान रखता है और यह भक्ति की सादगी का अद्भुत उदाहरण है। यह भजन हमें सिखाता है कि सच्चे मन से भगवान का स्मरण करने से ही जीवन में शांति और संतोष प्राप्त होता है।

