गोरख नाथजी भजन

गोरखनाथ धुणों घाल्यो रे, अधर आकाशा माय रे लिरिक्स

गोरखनाथ धुणों घाल्यो रे, अधर आकाशा माय रे लिरिक्स

गोरखनाथ धुणों घाल्यो रे लिरिक्स - शिव गोरख भजन लिरिक्स 

गोरखनाथ धुणों घाल्यो रे
अधर आकाशा माय रे
रावलिया जोगी गुरु गोरखज्ञानी
पायो कोनी थारो कोई पार रे।।


काना म कुंडल रह्व चांदसा
झिलमिल – झिलमिल पलका खाय रे
रावलिया जोगी गुरु गोरखज्ञानी
पायो कोनी थारो कोई पार रे।।


भगवा तो बानो गोरख धारयो
सिंह शैलीडो गल बीच रे
रावलिया जोगी गुरु गोरखज्ञानी
पायो कोनी थारो कोई पार रे।।


पंत अगम योगी आपको
शिव जी का अवतार रे
रावलिया जोगी गुरु गोरखज्ञानी
पायो कोनी थारो कोई पार रे।।


धरती आकाशा नाग लोक में
तीनो लोका में थारो राज रे
रावलिया जोगी गुरु गोरखज्ञानी
पायो कोनी थारो कोई पार रे।।


बांछड़ा झुलाव गीगा पालने रे
अनड – अन दोनों नैना रे
रावलिया जोगी गुरु गोरखज्ञानी
पायो कोनी थारो कोई पार रे।।


काल जाल सब टालियो रे
भक्त मंडल तेरा गुण गाया रे
रावलिया जोगी गुरु गोरखज्ञानी
पायो कोनी थारो कोई पार रे।।


Gorakh Nath Dhuno Ghalyo Re Lyrics in English

Gorakh Nath Dhuno Ghalyo Re,
Adhar Akasha Maay Re,
Rawaliya Jogi Guru Gorakh Gyani,
Payo Koni Tharo Koi Paar Re...

Kaana Me Kundal Rahva Chand Sa,
Jhilmil Jhilmil Palka Khaye Re,
Rawaliya Jogi Guru Gorakh Gyani,
Payo Koni Tharo Koi Paar Re...

Bhagwa To Baano Gorakh Dharayo,
Sinh Shailido Gal Beech Re,
Pant Agam Yogi Aapko,
Shiv Ji Ka Avtaar Re...

Dharti Aakasha Naag Lok Mein,
Teeno Loka Mein Tharo Raaj Re,
Rawaliya Jogi Guru Gorakh Gyani,
Payo Koni Tharo Koi Paar Re...


भजन का अर्थ (Meaning):

यह भजन गुरु गोरखनाथ जी की महानता और योग सिद्धि का गुणगान करता है।
भक्त बताता है कि गोरखनाथ जी तीनों लोकों के स्वामी हैं, शिवजी के अवतार हैं और जिनका ज्ञान अगाध है।
उनकी धूनी (धुण) सृष्टि के हर कोने में जल रही है, जो योग, भक्ति और अध्यात्म का प्रतीक है।


FAQs – Gorakh Nath Dhuno Ghalyo Re Bhajan

Q1. “गोरखनाथ धुणों घाल्यो रे” भजन किसने लिखा है?
Ans: यह एक लोकपरंपरागत राजस्थानी भजन है, जिसे अनेक भक्तों ने पीढ़ी दर पीढ़ी गाया है।

Q2. यह भजन किस देवता को समर्पित है?
Ans: यह भजन गुरु गोरखनाथ जी को समर्पित है, जो शिवजी के अवतार और नाथ संप्रदाय के आचार्य माने जाते हैं।

Q3. इस भजन का अर्थ क्या है?
Ans: यह भजन गुरु गोरखनाथ की योग सिद्धि, आकाश तत्व और तीनों लोकों में उनकी सत्ता का वर्णन करता है।

Q4. क्या “गोरखनाथ धुणों घाल्यो रे” भजन का वीडियो YouTube पर उपलब्ध है?
Ans: हाँ, “Gorakh Nath Dhuno Ghalyo Re Bhajan” नाम से कई सुंदर संस्करण YouTube पर उपलब्ध हैं।

Q5. इस भजन को कब गाया जाता है?
Ans: इसे नाथ परंपरा के भजन, योग आराधना या गुरु पर्वों पर गाया जाता है।


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