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काया कैसे रोई भजन लिरिक्स | Chetawani Bhajan Lyrics in Hindi

काया कैसे रोई भजन लिरिक्स | Chetawani Bhajan Lyrics in Hindi

काया कैसे रोई, तज दिना प्राण लिरिक्स हिंदी में

 

काया कैसे रोई, तज दिना प्राण ,
काया कैसे रोई, काया है निर्मोई ।।

मैं जाण्यो काया सगं चलेगी ,
इण तो काया ने मलमल धोई रे।
तज दिना प्राण,काया कैसे रोई। टेर। …


तज दिना मन्दिर महल मालिया ,
गाय भैंस घर घोङी रे।
घर कि नार बिलखती छोडी ,
छोड चल्या वे सारस कि जोड़ी रे।
तज दिना प्राण, काया कैसे रोई। टेर। … 


चार जणा मिल गजी बणाई ,
चढ्या काठ की घोड़ी रे।
जाय जंगल में डेरा दिना ,
फूंक दिया ज्यों फागुन कि होली रे।
तज दिना प्राण, काया कैसे रोई। टेर। … 


घर कि त्रीया यूँ उठ बोली ,
बिछड गई मारी जोड़ी रे।
भवानी नाथ बैरागी बोल्या ,
जिन जोड़ी दाता पल माही तोड़ी रे।
तज दिना प्राण, काया कैसे रोई। टेर। …

 

 


 

 Kaya Kaise Roi, Taj dina praan Lyrics In Hindi
 

 Kaya Kaise Roi, Taj dina praan,
Kaya kaise roi, Kaya hai nirmoi.

Main janyo kaya sang chalegi,
In to kaya ne malmal dhoyi re.
Taj dina praan, Kaya kaise roi. (Ter...)

Taj dina mandir mahal maaliya,
Gaay bhains ghar ghodi re.
Ghar ki naar bilakhti chhodi,
Chhod chalya ve saras ki jodi re.
Taj dina praan, Kaya kaise roi. (Ter...)

Chaar jana mil gaji banai,
Chadhya kaath ki ghodi re.
Jaay jangal mein dera dina,
Phoonk diya jyon faagun ki holi re.
Taj dina praan, Kaya kaise roi. (Ter...)

Ghar ki triya yun uth boli,
Bichhad gayi maari jodi re.
Bhavani Nath bairagi bolya,
Jin jodi daata pal maahi todi re.
Taj dina praan, Kaya kaise roi. (Ter...)


FAQs (Frequently Asked Questions) in Hindi:

Q1. “काया कैसे रोई” भजन किसने लिखा है?
A1. यह एक लोकभजन है, जिसे किसी एक कवि या लेखक से नहीं जोड़ा गया है। इसे कई संतों और लोकगायकों ने अपने तरीके से गाया है।

Q2. “काया कैसे रोई” भजन का मुख्य संदेश क्या है?
A2. यह भजन हमें जीवन की अस्थायीता और आत्मा की स्थायित्व का बोध कराता है — कि मृत्यु के बाद शरीर कुछ नहीं कर सकता, केवल आत्मा ही सच्ची है।

Q3. यह भजन किस भाषा में है?
A3. यह भजन राजस्थानी/हिंदी मिश्रित भाषा में लिखा गया है।

Q4. “काया कैसे रोई” भजन में ‘काया’ शब्द का क्या अर्थ है?
A4. ‘काया’ का अर्थ शरीर (human body) से है, जो आत्मा का अस्थायी आवरण है।

Q5. क्या इस भजन का कोई प्रसिद्ध गायक है?
A5. हाँ, इसे कई लोकगायकों जैसे — रामस्वरूप जी, सांवरिया जी, और स्थानीय भक्ति गायकों ने गाया है।

Q6. क्या “काया कैसे रोई” का कोई वीडियो संस्करण भी उपलब्ध है?
A6. हाँ, YouTube पर कई भक्ति चैनलों ने इस भजन के वीडियो प्रकाशित किए हैं।

Q7. इस भजन का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?
A7. यह बताता है कि जब आत्मा शरीर से निकल जाती है, तो शरीर (काया) कुछ नहीं कर सकता — वह न रो सकती है, न बोल सकती है।

Q8. क्या “काया कैसे रोई” भजन का अर्थ या भावार्थ भी उपलब्ध है?
A8. हाँ, हमारे ब्लॉग bhaktisongslyrics.in पर आप इसके अर्थ (Meaning in Hindi) और भावार्थ सहित पूरा भजन पढ़ सकते हैं।

 

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