मन फूला फूला फिरे भजन लिरिक्स इन हिंदी
मन फूला फूला फिरे भजन परिचय - हंसला भजन लिरिक्स
“मन फूला फूला फिरे, जगत में कैसा नाता रे” एक गहरा, जीवन को समझाने वाला संत भजन है। यह भजन हमें मोह, माया और दुनिया के अस्थायी रिश्तों का ज्ञान कराता है। कबीर और संत परंपरा के अनुसार, यह भजन जीवन की सच्चाई, मृत्यु की हकीकत और संसारिक रिश्तों की नश्वरता को बताता है।
जीवन में मन क्यों फूला रहता है? यह भजन समझाता है कि दुनिया के रिश्ते जन्म से मृत्यु तक साथ नहीं निभाते। केवल भक्ति, नाम और सत्य ही हमारे असली साथी हैं। यही संदेश इस भजन का मूल है।
मन फूला फूला फिरे भजन लिरिक्स
मन फूला फूला फिरे, जगत में कैसा नाता रे
मन फूला फूला फिरे, जगत में कैसा नाता रे
माता कहे यह पुत्र हमारा, बहन कहे बीर मेरा,
भाई कहे यह भुजा हमारी, नारी कहे नर मेरा,
मन फूला फूला फिरे, जगत में कैसा नाता रे
पेट पकड़ के माता रोवे, बांह पकड़ के भाई,
लपट झपट के तिरिया रोवे, हंस अकेला जाए,
मन फूला फूला फिरे, जगत में कैसा नाता रे
जब तक जीवे माता रोवे, बहन रोवे दस मासा,
तेरह दिन तक तिरिया रोवे, फेर करे घर वासा,
मन फूला फूला फिरे, जगत में कैसा नाता रे
चार जणा मिल गजी बनाई, चढ़ा काठ की घोड़ी,
चार कोने आग लगाई, फूंक दियो जस होरी,
मन फूला फूला फिरे, जगत में कैसा नाता रे
हाड़ जले जस लाकड़ी रे, केश जले जस घास,
सोना जैसी काया जल गई, कोई न आयो पास,
मन फूला फूला फिरे, जगत में कैसा नाता रे
घर की तिरिया ढूंढन लागी, ढुंडी फिरि चहु देशा,
कहत कबीर सुनो भाई साधो, छोड़ो जगत की आशा,
मन फूला फूला फिरे, जगत में कैसा नाता रे
मन फूला फूला फिरे, जगत में कैसा नाता रे
मन फूला फूला फिरे, जगत में कैसा नाता रे
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Man Phoola Phoola Phire Bhajan Lyrics (Hindi)
Man phoola phoola phire, jagat mein kaisa naata re
Man phoola phoola phire, jagat mein kaisa naata re
Maata kahe yeh putra hamaara, bahan kahe beer mera
Bhaai kahe yeh bhuja hamaari, naari kahe nar mera
Man phoola phoola phire, jagat mein kaisa naata re
Pet pakad ke maata rove, baah pakad ke bhaai
Lapat jhapat ke tiriya rove, hans akela jaaye
Man phoola phoola phire, jagat mein kaisa naata re
Jab tak jeeve maata rove, bahan rove das maasa
Terah din tak tiriya rove, pher kare ghar vaasa
Man phoola phoola phire, jagat mein kaisa naata re
Chaar jana mil gaji banai, chadha kaath ki ghodi
Chaar kone aag lagai, phoonk diyo jas hori
Man phoola phoola phire, jagat mein kaisa naata re
Haad jale jas laakdi re, kesh jale jas ghaas
Sona jaisi kaaya jal gayi, koi na aayo paas
Man phoola phoola phire, jagat mein kaisa naata re
Ghar ki tiriya dhoondan laagi, dhoondi phiri chahu desha
Kahat Kabir suno bhai saadho, chhodo jagat ki asha
Man phoola phoola phire, jagat mein kaisa naata re
भजन का अर्थ:
मन फूला फूला फिरे भजन लिरिक्स जीवन के कठोर सच को बताता है:
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दुनिया के रिश्ते जन्म से प्रेम जताते हैं, पर मृत्यु के बाद केवल कुछ समय ही याद करते हैं।
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माँ रोती है, भाई सहारा देता है, पत्नी दुख जताती है—पर अंतिम यात्रा में सब छोड़कर चले जाते हैं।
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चिता पर शरीर जलता है और कोई भी साथ नहीं आता।
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आखिर में कबीरदास कहते हैं कि संसारिक मोह छोड़कर नाम-भक्ति में लगो, वही जीवन का सच्चा साथी है।
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