भजन बिना कोई न जागै रे लिरिक्स इन हिंदी
भजन बिना कोई न जागै रे, लगन बिना कोई न जागै रै लिरिक्स
भजन बिना कोई न जागै रे, लगन बिना कोई न जागै रै।
तेरा जनम जनम का पाप करेड़ा, रंग किस बिध लागे रै॥टेर॥
संता की संगत करी कोनी भँवरा, भरम कैयाँ भागै रै।
राम नाम की सार कोनी जाणै, बाताँ मे आगै रै ॥1॥
या संसार काल वाली गीन्डी,टोरा लागे रै।
गुरु गम चोट सही कोनी जावै, पगाँ ने लागे रै॥2॥
सत सुमिरण का सैल बणाले, संता सागे रै।
नार सुषमणा राड़ लडै जद, जमड़ा भागै रै॥3॥
नाथ गुलाब सत संगत करले, संता सागे रै।
भानीनाथ अरज कर गावै, सतगुराँजी के आगै रै ॥4॥
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Bhajan Bina Koi Na Jaage Re - Nath Ji Bhajan Lyrics
Bhajan bina koi na jaage re, lagan bina koi na jaage re |
Tera janam janam ka paap kareda, rang kis bidh laage re || (Ter)
Santa ki sangat kari koni bhavra, bharam kaiyaan bhaage re |
Raam naam ki saar koni jaanai, baataan mein aage re ||1||
Ya sansaar kaal wali geendi, tora laage re |
Guru gam chot sahi koni jaave, paga ne laage re ||2||
Sat sumiran ka sail banale, santa saage re |
Naar sushmna raad ladae jad, jamda bhaage re ||3||
Naath gulaab sat sangat karle, santa saage re |
Bhaninath arj kar gaave, Satguranji ke aage re ||4||
FAQs for भजन बिना कोई न जागै रे:
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"भजन बिना कोई न जागै रे" भजन किसने लिखा है?
यह भजन संत भानीनाथ जी की वाणी से प्रेरित है। -
यह भजन किसके लिए समर्पित है?
यह भजन सतगुरु और ईश्वर के नाम सुमिरन को समर्पित है। -
इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
बिना भजन और लगन के आत्मज्ञान नहीं होता, यही इसका सार है। -
क्या यह भजन किसी भजन संध्या या जागरण में गाया जाता है?
हां, यह भजन भजन संध्या, सत्संग और जागरण में बहुत प्रसिद्ध है। -
"भजन बिना कोई न जागै रे" का मतलब क्या है?
इसका अर्थ है कि बिना भक्ति और भजन के आत्मिक जागृति नहीं होती। -
क्या इस भजन का वीडियो या ऑडियो भी उपलब्ध है?
हां, यूट्यूब और BhaktiSongsLyrics.in पर इसके वीडियो और ऑडियो मौजूद हैं। -
क्या यह भजन नाथ संप्रदाय से जुड़ा है?
हां, यह भजन नाथ पंथ के संतों की शिक्षाओं से जुड़ा हुआ है। -
क्या यह भजन बच्चों को सिखाया जा सकता है?
हां, यह भजन बच्चों को भक्ति और सादगी का पाठ सिखाने योग्य है। -
क्या इस भजन के बोल संस्कृत या प्राचीन हिंदी में हैं?
यह ब्रज और राजस्थानी मिश्रित सरल भाषा में लिखा गया है। -
"भजन बिना कोई न जागै रे" के और भजन कहां पढ़ें?
आप और भी नाथ जी के भजन BhaktiSongsLyrics.in पर पढ़ सकते हैं।
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