चोरासी की नींद में सतगुरु आके जगा दिया लिरिक्स इन हिंदी
चोरासी की नींद में सतगुरु आके जगा दिया।
सतगुरु आके जगा दिया धनगुरु आके जगा दिया।
कोन था में कहां से आया ना जाने क्या नाम था।
कृपा भई गुरुदेव की म्हाने प्रेम का प्याला पिला दिया ।
चोरासी की नींद में सतगुरु आके जगा दिया।
सतगुरु आके जगा दिया धनगुरु आके जगा दिया।
जनम जनम की भूल थी भूली वस्तु अनमोल थी।
कृपा भई गुरुदेव की म्हाने मोह माया से बचा लिया।
चोरासी की नींद में सतगुरु आके जगा दिया।
सतगुरु आके जगा दिया धनगुरु आके जगा दिया।
मोती था एक सीप में सीप समन्दर डार दिया।
कृपा भई गुरुदेव की म्हाने कागा से हंसा बणा दिया ।
चोरासी की नींद में सतगुरु आके जगा दिया। सतगुरु आके जगा दिया
धनगुरु आके जगा दिया।
नानक नाम प्रकाश था गुरु चरणों का दास था।
कृपा भई गुरुदेव की म्हाने सांचा मार्ग बता दिया।
चोरासी की नींद में सतगुरु आके जगा दिया।
सतगुरु आके जगा दिया धनगुरु आके जगा दिया।
यह भक्ति गीत लिरिक्स भी पढ़े:
Chorasi ki neend mein Satguru aake jaga diya Bhajan Lyrics
Chorasi ki neend mein Satguru aake jaga diya
Satguru aake jaga diya, Dhan Guru aake jaga diya
Kaun tha main kahaan se aaya, na jaane kya naam tha
Kripa bhayi Gurudev ki, mhane prem ka pyaala pila diya
Chorasi ki neend mein Satguru aake jaga diya
Satguru aake jaga diya, Dhan Guru aake jaga diya
Janam janam ki bhool thi, bhooli vastu anmol thi
Kripa bhayi Gurudev ki, mhane moh maya se bacha liya
Chorasi ki neend mein Satguru aake jaga diya
Satguru aake jaga diya, Dhan Guru aake jaga diya
Moti tha ek seep mein, seep samundar daal diya
Kripa bhayi Gurudev ki, mhane kaga se hansa bana diya
Chorasi ki neend mein Satguru aake jaga diya
Satguru aake jaga diya, Dhan Guru aake jaga diya
Nanak Naam prakaash tha, Guru charnon ka daas tha
Kripa bhayi Gurudev ki, mhane sancha maarg bata diya
Chorasi ki neend mein Satguru aake jaga diya
Satguru aake jaga diya, Dhan Guru aake jaga diya
✅ FAQs for चौरासी की नींद में सतगुरु आके जगा दिया लिरिक्स:
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चौरासी की नींद क्या होती है?
चौरासी की नींद का अर्थ 84 लाख योनियों के जन्म मरण के चक्र से है। -
'सतगुरु आके जगा दिया' भजन किसने लिखा है?
इस भजन का लेखक अज्ञात है लेकिन यह संतमत और भक्ति परंपरा से जुड़ा है। -
यह भजन किस भाषा में है?
यह भजन हिंदी एवं हरियाणवी मिश्रित भाषा में है। -
'चौरासी की नींद' से क्या तात्पर्य है?
इसका अर्थ है आत्मा की गहरी नींद, जो मोह-माया में डूबी होती है। -
'सतगुरु' का भजन में क्या महत्व है?
सतगुरु आत्मज्ञान देने वाला होता है, जो जीवन की सच्चाई से परिचय कराता है।
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